तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़

सोमवार, 13 जून 2016

रह-ए-उल्फत

वादे वफ़ा का गुज़र गया कारवां यारों
रह-ए- उल्फ़त के गर्दो गुबार में।।
                  मौली