तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़

गुरुवार, 8 मार्च 2018

Women's day

Stop any kind of violence on women and show your honoured  resolution on Women's day....
                        Moly

मंगलवार, 6 मार्च 2018

प्रेम बयार

सांसे हुई मृदंग,तेरी धड़कन के तरंगों से
अंग अंग सराबोर हुआ प्रेम के ब्यारों से।।
        मौली

शनिवार, 3 मार्च 2018

पिया मिलन की चाह

तेरे ही रंग में रंगना चाहूँ पिया मैं
तेरे प्रेम का करूँ सोलह श्रृंगार मैं
तेरे ह्रदय के तरंगों पे करूँ नृत्य
तेरी गीत,तेरी ग़ज़ल,तेरी ही
कविता के शब्द बनूँ मैं
तेरे बांहों के हाला में
कैद मैं हो जाऊं
तुझे ही चाहुँ तुझसे चुराकर         
तुझमें ही समाना चाहूं
आराध्य भी तू,दुआ भी तू
तू ही पूण्य का फल        
तू ही आदि,तू ही अंत
कोई दूजा न मेरे संग
मैं चातक जन्मों की प्यासी
स्वाति की हूँ अभिलाषी
प्रिय आलिंगन के मोहपाश में
बंधने को हूँ आतुर
बन गुजरिया राह तकूँ मैं
आस लिए विश्वास लिए
हिय को मैं समझाऊं
क्यों न समझे पीर जिया की.... 
किस विध जतन करूँ मैं           
निशदिन तुझको निहारूँ
तुझमें ही रच बस जाऊँ
तेरे ही रंग,रंगकर मैं
अधरों पे सज जाऊं
बन मुरली की धुन कृष्णा
तरंगित मैं हो जाऊं....
मौली

नेमत

बरसों के तप की क्या खूब नेमत पाई
बस मिले और फिर आज़माने लगे।।
                मौली

रंगरेज