तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़

बुधवार, 29 मई 2019

तपिश

वफ़ा की पनाह में पिघल रहे थे दो जिस्म सौंधे से
एक आरज़ू की कशिश में दूजा वक्त की तपिश में.....
                              मौली