तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़

बुधवार, 1 अप्रैल 2026

ग़र रात चाँद बेचने पे आमादा होती,

*ग़र रात चाँद बेचने पे आमादा होती*
*तो हर रात अमावस होती ।।*
                 ।। मौली ।