तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़

मंगलवार, 6 मार्च 2018

प्रेम बयार

सांसे हुई मृदंग,तेरी धड़कन के तरंगों से
अंग अंग सराबोर हुआ प्रेम के ब्यारों से।।
        मौली

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