विहँग नीड़
तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़
सोमवार, 3 अगस्त 2015
जीवन मेरे भीतर है या मैं जीवन में
ये रहस्य नही जानना मुझे कदापि
जीवन का अर्थ नही ढूंढना मुझे बस
मैं जीवन को प्रेम से जीना चाहती हूँ।।
~~~मौली~~~~
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