विहँग नीड़
तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़
बुधवार, 17 फ़रवरी 2016
फिर न कहना मुझसे, कभी के तुम न बदलोगे कभी
मौसम बदल जाया करते है फिर इंसान की क्या बिसात।।
~~~~मौली~~~~
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