तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़

शनिवार, 21 मई 2016

कल शबे हिज़्र फिर तेरी बात चली
कसक तेरी यादों की अब कम हो चली
फिक्रमन्द रहता था जो दिल तेरे लिये
अब वो कहानी ही खत्म हो चली।।
मौली

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