तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़

गुरुवार, 22 जून 2023

अनपढ़ नैन

अनपढ़ थे मेरे नैन जो तेरे आवारा नैनों की भाषा न पढ़ सके
बंजारा था दिल तेरा किसी एक जगह ठिकाना न बना सका।।
            मौली

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