तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़

सोमवार, 20 नवंबर 2017

रौनकें

सूने दिल की दस्तक भला अब सुनता है कौन
रास आये रौनकें,अंधियारे दिल की देखता कौन
              मौली

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