विहँग नीड़
तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़
शनिवार, 10 मई 2014
६०-
संग तुम तो मेरा हर दिन मधुमास सा लगे
ओस की बूँद मे भी तेरा आभास सा लगे
तेरे बगैर चाँदनी भी अमावस सी लगे
स्वाती की हर बूँद भी सँत्रास सा लगे।।
__ मौली
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