तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़

शनिवार, 10 मई 2014

६१-





जिन्हे मुझसे दूर रहना कभी गवारा न था
वो ख्वाबों में आने से भी अब कतराते हैं।

__ मौली

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