तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़

शुक्रवार, 14 नवंबर 2014

६७-





बारिश की हर बूँद में तेरा अक्श नजर आया
तेरे साथ गुजारा हुआ हर मंजर याद आया।

__ मौली

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें