तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़

सोमवार, 15 दिसंबर 2014

७०-





भूल जाइये या भूल जाने दीजिये
अब और न हमको तबाह कीजिये
वफ़ा न सही ज़फ़ा भी न दीजिये
अलविदा के वक्त तो दुआ कीजिये।।

__ मौली

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