विहँग नीड़
तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़
मंगलवार, 12 मई 2015
तुझसे बिछड़ने के खौफ से पथराई इन आँखों ने सनम
फिर पलट कर कभी घडी की तरफ उम्र भर नही देखा ।।
~~~~मौली~~~~
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