विहँग नीड़
तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़
शुक्रवार, 15 मई 2015
कृष्णा ह्रदय को तेरी ही है आस
तुझ बिन हर मौसम लगे खरमास
बाँट जोहूँ मैं सखा तेरी दिन रात
आ संग मिल हम करेंगे फिर रास।
~~मौली~~
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