विहँग नीड़
तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़
बुधवार, 2 नवंबर 2016
कोरा मन
इंद्रधनुष के रंगों से कोरा मन भिगोया था
रात की स्याही ने उसपे भी डेरा डाला था।।
मौली
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