विहँग नीड़
तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़
मंगलवार, 22 नवंबर 2016
अहसास
बासी लकीरों को हाथ से गिरा दी मैंने,तुम भी तो
रिश्तों पे जमी बर्फ को अहसास की आंच दे दो।
मौली
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