विहँग नीड़
तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़
रविवार, 6 नवंबर 2016
हाला
चंद्रमा के हाला सा जो बांहों का तेरे घेरा है इसमें ही बिखर मुझको इसमें ही सिमटना है।।
मौली
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