विहँग नीड़
तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़
सोमवार, 11 अप्रैल 2016
सूफियाना
मेरी इश्क की फकीरी भी क्या खूब रंग लायी है
के अब हर अंदाज़ देखो सूफियाना हो चला है।।
।।मौली।।
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