तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़

बुधवार, 3 अगस्त 2016

दरकते रिश्ते

दरकते रिश्तों की बर्फ पिघलने लगी
शायद अब भी कही आग बाकि है।।
    मौली

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