विहँग नीड़
तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़
मंगलवार, 9 अगस्त 2016
रुसवाईयाँ
रुसवाईयाँ
सच ज़िन्दगी की पीछे चलती रही पांव पांव
रुसवाईयाँ मेरे नसीब की आगे दौड़ती रही।।
मौली
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