विहँग नीड़
तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़
सोमवार, 19 जनवरी 2015
रंजिशें-खंज़र से उनके सिर्फ जिस्म हुआ लहूलुहान मेरा मगर
बादे सर्सर ने तेरे किया दिल पे आघात और दिया दर्द बेशुमार।।
।।मौली।।
बादे सर्सर - झंझावात (sudden blast)
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