विहँग नीड़
तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़
रविवार, 25 जनवरी 2015
जो सहेजा होता तुमने दिल में मुझको
तो मैं भी आज बाम का दिया होती।।
__मौली
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