विहँग नीड़
तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़
सोमवार, 26 जनवरी 2015
शबे वस्ल की चांदनी बयाँ कर रही राज़
शबनम बन उतरुं मैं उनके आँगन आज।।
__ मौली
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