तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़

रविवार, 31 जुलाई 2016

जब शब्द शोर करने लगे
तब खामोशियाँ बोलती हैं।
        मौली

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