विहँग नीड़
तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़
बुधवार, 1 जनवरी 2014
४०-
बारिश.. की. एक. रूमानी. शाम
पैगाम. प्रेम. सँग आये मेरे बाम
गिरह सारे खोल हृदय के श्याम
बँध. गई प्रिये, तेरे प्रेम के नाम।।
__ मौली
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