विहँग नीड़
तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़
सोमवार, 6 जनवरी 2014
४३-
मेरा माहताब बादलों से निकलने को है बेताब
सितारों से कह दो झुका लें सर को अदब से।।
__ मौली
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