तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़

रविवार, 1 मार्च 2015

१२०-





रंजिशे-खंजर से उनके सिर्फ़ जिस्म हुआ लहूलुहान मेरा मगर
बादे-सरसर ने तेरे किया दिल पे आघात और दिया दर्द बेशुमार

__ मौली

बादे-सरसर = झंझावात (Sudden Blast)

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