तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़

रविवार, 1 मार्च 2015

१२२-





जो सहेजा होता तुमने दिल में मुझको
तो मैं भी आज बाम का दिया होती।

__ मौली

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