तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़

मंगलवार, 24 दिसंबर 2013

२९-





तेरी दीवानगी का हुआ ये असर
खुद को ही मैं अब बिसरा चली
याद आये जब-जब तेरी गली
घर अपना ही मैं ठुकरा चली।।

__ मौली

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