तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़

शुक्रवार, 6 दिसंबर 2013

२०-





इश्क ज़ज़्बाए-पाकीज़गी है
जो खुदा ने नेमत मे दी है
जमाने से हमें खौफ़ कैसा
कायनात ने भी मँजूरी दी है।।

__ मौली

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें