विहँग नीड़
तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़
गुरुवार, 5 दिसंबर 2013
१७-
बज़्म में मेरे आकर कह जाओ
कोई कसीदा मेरे हुस्न पर कभी
एक कयामत आ जाये महफ़िल में
जिसकी मुंतज़र हूँ जमाने से।।
__ मौली
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