विहँग नीड़
तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़
मंगलवार, 31 दिसंबर 2013
३७-
जमाने में हम हुए रुसवा मगर
ज़िक्र तेरा न करेंगे कभी अब
तनहा वीराने में रो लेंगे, पर
शिकवा न करेंगे तुमसे अब।।
__ मौली
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