तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़

मंगलवार, 17 फ़रवरी 2015

९५-





ढूँढोगे मेरे कदमों के निशान मेरे जाने के बाद
न रोने को वो काँधा होगा न आँचल की वो छाँव।

__ मौली

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