तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़
शुक्रवार, 20 फ़रवरी 2015
१००-
आओ एक अनूठा रिश्ता बुनते हैं....
एक धागा तेरे अतनु प्रेम का..........
और एक धागा मौली का...............
बुन गया अनूठा रिश्ता.................
बन गया चँद्रमौलि......................।।
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