तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़

बुधवार, 11 फ़रवरी 2015

७७-





काश कि मेरी रूह को पल दो पल का सुकून दे देते
तो आज वो मेरे तन से जुदा होने पर आमादा न होता।

__ मौली

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