विहँग नीड़
तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़
मंगलवार, 24 फ़रवरी 2015
११०-
बाद मुद्दत के किया है जो तूने इकरारे मोहब्बत ऐ हातिफ़
न है अब दिल बोझिल मेरा, न है आँख मेरी अश्क-बार।
__ मौली
हातिफ़=स्वर्ग दूत
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