विहँग नीड़
तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़
मंगलवार, 3 फ़रवरी 2015
७५-
रूह. को मेरी, इस कदर, न तड़पाओ
कि कयामत आ जाये वक्त से पहले
गर. मैं. आमादा. हो. गई. बेवफ़ाई पे
तो को हवा और तुझे चिराग बना दूँ।।
__ मौली
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