विहँग नीड़
तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़
शुक्रवार, 20 फ़रवरी 2015
९७-
भीगी हैं पलकें पर आँसू न छलके
दिल में है हूक पर लब पे है ठहाके।
__ मौली
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