तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़

मंगलवार, 24 फ़रवरी 2015

१०९-




तेरे निर्बाध प्रेम की जुम्बिश से पिया
प्रेमपाश में बंधी दौड़ी आऊँगी सदा।

__ मौली

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