विहँग नीड़
तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़
गुरुवार, 26 फ़रवरी 2015
११४-
भोंक कर खंजर पीठ पे बेवफ़ाई का अपने रेजा-रेजा कर गये मुझको
रक्त रंजित लाश पर मेरी देखो वो आए हैं आज मातमपुरसी को।
__ मौली
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