विहँग नीड़
तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़
शुक्रवार, 13 फ़रवरी 2015
८४-
उम्मीदे जिनसे बावस्ता होती हैं
अक्सर वे ही फ़रेब कर जाते हैं।
__ मौली
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