विहँग नीड़
तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़
सोमवार, 23 फ़रवरी 2015
१०६-
आजमाइशों के मौसम में यूँ न सितम ढ़ाइये
"जान" ही जान चुरा ले तो फ़िर कहर जानिये।
__ मौली
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