तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़

सोमवार, 23 फ़रवरी 2015

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आजमाइशों के मौसम में यूँ न सितम ढ़ाइये
"जान" ही जान चुरा ले तो फ़िर कहर जानिये।

__ मौली

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