विहँग नीड़
तुम्हारी खोज से क्लान्त हो आश्रय लिया जहाँ....... वो है विहँग नीड़
मंगलवार, 3 फ़रवरी 2015
७४-
नफ़रतों की फ़सल बहुत काट चुके दोस्तों
आओ कुछ बीज प्रेम के, दिलों में बो लें....।
__ मौली
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